ईरान :- पश्चिम एशिया में ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के दौरान भारत ने अपनी सामरिक और तकनीकी क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने लगभग 5000 करोड़ रुपये की रक्षा डील को मंजूरी देकर यह स्पष्ट संकेत दिया है कि वैश्विक अस्थिरता के बीच भी देश अपनी सुरक्षा तैयारियों से समझौता नहीं करेगा। इस सौदे के तहत अत्याधुनिक रक्षा उपकरण और निगरानी प्रणाली शामिल की गई हैं जो सीमाओं की सुरक्षा और खुफिया क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करेंगी।
सूत्रों के अनुसार यह डील ऐसे समय पर हुई है जब मध्य पूर्व में हालात तेजी से बदल रहे हैं और कई देशों ने अपनी सैन्य रणनीतियों की समीक्षा शुरू कर दी है। भारत लंबे समय से आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन को बढ़ावा दे रहा है और इस दिशा में यह समझौता एक अहम कड़ी माना जा रहा है। इससे न केवल सेना की मारक क्षमता बढ़ेगी बल्कि घरेलू रक्षा उद्योग को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत संतुलित कूटनीति के साथ साथ अपनी सुरक्षा ढांचे को भी मजबूत कर रहा है। यह कदम भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर उठाया गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। इस डील से यह संदेश भी गया है कि भारत क्षेत्रीय शांति का समर्थक है लेकिन अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के मामले में पूरी तरह सतर्क और तैयार है।