Nisan report /मुंबई:-जापानी ऑटोमोबाइल दिग्गज निसान मोटर इंडिया ने फरवरी 2026 के अपने बिक्री आंकड़े जारी कर दिए हैं जो कंपनी के लिए एक बड़ी कामयाबी की ओर इशारा कर रहे हैं। कंपनी ने पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 23% की शानदार सालाना वृद्धि (YoY) दर्ज की है। इस बढ़त के पीछे कंपनी की नई मिड-साइज SUV ‘Gravite’ (ग्रेवाइट) को लेकर ग्राहकों का भारी उत्साह और मैग्नाइट (Magnite) की निरंतर लोकप्रियता को मुख्य कारण माना जा रहा है।
बिक्री के आंकड़ों में उछाल
निसान इंडिया द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, फरवरी 2026 में कंपनी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों को मिलाकर कुल बिक्री में महत्वपूर्ण सुधार देखा है। जहाँ अधिकांश कार निर्माता कंपनियां सप्लाई चेन की चुनौतियों से जूझ रही थीं वहीं निसान ने अपने बेहतर इन्वेंट्री मैनेजमेंट के दम पर 23% की वृद्धि हासिल की।
कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया:
“हमारी नई ‘निसान 2.0’ रणनीति रंग ला रही है। ग्राहकों का हमारे ब्रांड पर भरोसा बढ़ा है, और हम आने वाले महीनों में इस रफ़्तार को और तेज करने की योजना बना रहे हैं।”
‘ग्रेवाइट’ की डिलीवरी शुरू: शोरूम्स पर जुटी भीड़
इस महीने की सबसे बड़ी खबर निसान की नई SUV ‘ग्रेवाइट’ की डिलीवरी शुरू होना है। कंपनी ने फरवरी के दूसरे सप्ताह से देश भर के डीलरशिप्स पर इस प्रीमियम मिड-साइज SUV की चाबियां ग्राहकों को सौंपनी शुरू कर दी हैं।
ग्रेवाइट की कुछ खास बातें:
डिजाइन और स्पेस: यह SUV अपने आधुनिक बोल्ड लुक्स और केबिन के अंदर बेहतरीन स्पेस के लिए चर्चा में है।
इंजन विकल्प: इसमें निसान का नया टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो परफॉर्मेंस और माइलेज का सटीक संतुलन प्रदान करता है।
एडवांस फीचर्स: इसमें लेवल-2 ADAS, पैनोरमिक सनरूफ और 12.3-इंच का विशाल टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है, जो इसे सीधे तौर पर हुंडई क्रेटा और मारुति ग्रैंड विटारा के मुकाबले खड़ा करता है।
मैग्नाइट का जादू अब भी बरकरार
निसान की कॉम्पैक्ट SUV मैग्नाइट अभी भी कंपनी के लिए ‘वॉल्यूम ड्राइवर’ बनी हुई है। फरवरी में हुई कुल बिक्री का एक बड़ा हिस्सा मैग्नाइट के खाते में गया है। इसके नए सुरक्षा फीचर्स और प्रतिस्पर्धी कीमत ने इसे मिडिल-क्लास भारतीय परिवारों के बीच एक भरोसेमंद विकल्प बनाए रखा है।
निर्यात (Exports) में भी मिली मजबूती
निसान केवल भारत में ही नहीं, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारतीय प्लांट से विदेशों में भी अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। फरवरी के दौरान खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में निर्यात में भी 15% की बढ़ोतरी देखी गई है।