नई दिल्ली :- दिल्ली के कुंवर शकील अहमद ने मध्य-पूर्व संघर्ष के बीच तेहरान में फंसी अपनी मेडिकल छात्रा बेटी के लिए भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है। बेटी धमाकों और मिसाइलों की आवाज़ से दहशत में है, हॉस्टल की छत से प्लास्टर गिर गया है। दिल्ली निवासी कुंवर शकील अहमद ने बताया कि उनकी बेटी पिछले कुछ समय से लगातार धमाकों और मिसाइलों की आवाज सुन रही है जिससे वह गहरे डर के माहौल में जी रही है। छात्रा मेडिकल की पढ़ाई के लिए ईरान गई थी लेकिन हालिया घटनाओं ने वहां रहना बेहद मुश्किल बना दिया है। पिता के अनुसार रातभर तेज धमाकों की गूंज सुनाई देती है और हाल ही में हॉस्टल की छत से प्लास्टर का हिस्सा गिर गया जिससे छात्रा और अन्य विद्यार्थियों में दहशत फैल गई।
परिवार ने बताया कि बेटी फोन पर रोते हुए हालात बयां कर रही है और हर पल अनिश्चितता का सामना कर रही है। स्थानीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर आशंकाएं बनी हुई हैं और विदेशी छात्रों के लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है। कुंवर शकील अहमद ने भारत सरकार से अपील की है कि जल्द से जल्द सुरक्षित निकासी की व्यवस्था की जाए ताकि उनकी बेटी और अन्य भारतीय छात्र सुरक्षित स्वदेश लौट सकें।
इस बीच भारतीय दूतावास द्वारा स्थिति पर नजर रखे जाने की जानकारी भी सामने आई है लेकिन परिवार का कहना है कि जमीनी हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और तुरंत ठोस कदम उठाने की जरूरत है। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर आम नागरिकों और छात्रों पर साफ दिखाई दे रहा है। परिवारों की चिंता और बढ़ गई है क्योंकि दूर देश में रह रहे उनके बच्चे असुरक्षित माहौल में पढ़ाई जारी रखने को मजबूर हैं। अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं ताकि फंसे हुए भारतीयों को जल्द राहत मिल सके और वे सुरक्षित घर लौट सकें।