नई दिल्ली :- होली के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद द्वारा पत्रकारों को उपहार देने के वादे ने अप्रत्याशित रूप से विवाद का रूप ले लिया। राजधानी लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों को केवल 250 ग्राम गुजिया का डिब्बा दिया गया। बताया जा रहा है कि पहले बड़े उपहार की चर्चा की गई थी जिससे मीडिया कर्मियों में अलग तरह की उम्मीद बन गई थी। जब कार्यक्रम स्थल पर उन्हें छोटा सा मिठाई का डिब्बा मिला तो कई पत्रकारों ने इसे अपनी प्रतिष्ठा के खिलाफ बताया।
कार्यक्रम के बाद कुछ पत्रकारों ने नाराजगी जताते हुए गुजिया का डिब्बा वापस कर दिया और इसे अपमानजनक बताया। उनका कहना था कि यदि कोई वादा न किया जाता तो साधारण उपहार पर भी आपत्ति नहीं होती लेकिन पहले बड़ी घोषणा और बाद में छोटा पैकेट देने से उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गईं जिसके बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई।
मंत्री की ओर से कहा गया कि उपहार प्रतीकात्मक था और किसी को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि त्योहार पर मिठाई बांटना परंपरा का हिस्सा है और इसे गलत अर्थों में नहीं लिया जाना चाहिए। हालांकि विवाद ने यह दिखा दिया कि सार्वजनिक जीवन में शब्द और वादे कितने संवेदनशील होते हैं और छोटी सी बात भी बड़ा मुद्दा बन सकती है।