Security Alert/रियाद:-मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर मंगलवार तड़के भीषण ड्रोन हमला हुआ है। इस सुरक्षा चूक और हमले के बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब में अपने मिशन की सभी सार्वजनिक सेवाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।
हमले का विवरण: तड़के गूँजे धमाके
स्थानीय समय के अनुसार, मंगलवार सुबह रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर (राजनयिक क्षेत्र) में दो ज़ोरदार धमाके सुने गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाकों के तुरंत बाद दूतावास परिसर से धुएं का गुबार उठता देखा गया। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि यह हमला दो आत्मघाती ड्रोनों के जरिए किया गया था। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, ड्रोनों ने दूतावास की बाहरी सुरक्षा घेरे और मुख्य परिसर के एक हिस्से को निशाना बनाया जिससे वहां मामूली आग लग गई। गनीमत यह रही कि हमला सुबह के उस वक्त हुआ जब दूतावास खाली था, जिसके कारण किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि परिसर की संपत्ति को नुकसान पहुँचा है।
सभी मिशनों में सेवाएं ठप
इस हमले के कुछ ही घंटों बाद, अमेरिकी दूतावास ने एक आधिकारिक सुरक्षा अलर्ट जारी किया। दूतावास ने घोषणा की है कि रियाद के साथ-साथ जेद्दा और धहरान स्थित वाणिज्य दूतावासों में भी सभी नियमित और आपातकालीन नियुक्तियां रद्द कर दी गई हैं।
दूतावास द्वारा जारी बयान में कहा गया:
“परिसर पर हुए हमले के कारण अगली सूचना तक दूतावास बंद रहेगा। सभी अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे दूतावास आने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।”
तनाव की पृष्ठभूमि और ‘शेल्टर-इन-प्लेस’ का आदेश
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष चरम पर है। हाल ही में ईरान द्वारा खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की धमकियां दी गई थीं। हमले के बाद अमेरिकी मिशन ने सऊदी अरब में रह रहे अपने नागरिकों के लिए ‘शेल्टर-इन-प्लेस’ (जहां हैं वहीं सुरक्षित रहें) की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही, अमेरिकी सरकार ने अपने नागरिकों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने और सैन्य प्रतिष्ठानों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि “जल्द ही इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।”
क्षेत्रीय प्रभाव और सुरक्षा चिंताएं
रियाद में हुआ यह हमला केवल अमेरिका के लिए ही नहीं, बल्कि सऊदी अरब की सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी एक बड़ी चुनौती है। डिप्लोमैटिक क्वार्टर को शहर का सबसे सुरक्षित इलाका माना जाता है, जहाँ दुनिया भर के दूतावास स्थित हैं। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है। विदेशी एयरलाइनों ने भी सावधानी बरतते हुए खाड़ी क्षेत्र की अपनी कई उड़ानों को रद्द या डायवर्ट कर दिया है। सऊदी अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है और राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दिया गया है।