University of Oxford :-हमारी सेहत काफी हद तक हमारी थाली पर निर्भर करती है। क्या खा रहे हैं और कितना खा रहे हैं यह भविष्य की बीमारियों के जोखिम को तय करता है। हाल ही में यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के वैज्ञानिकों ने खान-पान और कैंसर के बीच संबंध पर एक बड़ी स्टडी पेश की है, जिसमें शाकाहारी आहार को लेकर महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आए हैं।
स्टडी के अनुसार वे लोग जो मुख्य रूप से वेजिटेरियन डाइट अपनाते हैं उनमें कुछ खास तरह के कैंसर का खतरा अपेक्षाकृत कम पाया गया। शोध में खास तौर पर कोलोरेक्टल कैंसर पेट का कैंसर स्तन कैंसर प्रोस्टेट कैंसर और पैंक्रियाटिक कैंसर के जोखिम में कमी देखी गई। वैज्ञानिकों का मानना है कि फाइबर से भरपूर भोजन एंटीऑक्सीडेंट्स और पौधों पर आधारित पोषक तत्व शरीर में सूजन को कम करते हैं और कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं।
शोधकर्ताओं के मुताबिक रेड और प्रोसेस्ड मीट का अधिक सेवन कई तरह के कैंसर के जोखिम से जुड़ा रहा है। इसके विपरीत फल सब्जियां दालें साबुत अनाज और नट्स से भरपूर आहार शरीर को जरूरी विटामिन मिनरल्स और फाइटोकेमिकल्स प्रदान करता है जो कैंसर पैदा करने वाले तत्वों के खिलाफ सुरक्षा कवच का काम कर सकते हैं।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि केवल वेजिटेरियन होना ही पर्याप्त नहीं है। संतुलित और पोषण से भरपूर आहार जरूरी है। जंक फूड या अधिक चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट लेने वाला शाकाहारी भोजन भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। नियमित व्यायाम स्वस्थ वजन बनाए रखना धूम्रपान से दूरी और सीमित शराब सेवन जैसे कारक भी कैंसर के खतरे को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यह अध्ययन इस बात को दोहराता है कि हमारी रोजमर्रा की खाने की आदतें दीर्घकालिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालती हैं। यदि संतुलित शाकाहारी आहार को स्वस्थ जीवनशैली के साथ अपनाया जाए तो यह न केवल कैंसर बल्कि हृदय रोग और डायबिटीज जैसी बीमारियों के जोखिम को भी कम करने में सहायक हो सकता है।