Zardari War Claim: ‘भारत कर रहा है एक और युद्ध की तैयारी’, तनाव के बीच बातचीत की अपील

Zardari War Claim/इस्लामाबाद:- पिछले वर्ष पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले और उसके बाद भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष के महीनों बाद द्विपक्षीय संबंधों में एक बार फिर कड़वाहट और हलचल तेज हो गई है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने सोमवार को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए एक सनसनीखेज दावा किया है। जरदारी के अनुसार, नई दिल्ली “एक और युद्ध की तैयारी” कर रही है।

जरदारी का दावा और बातचीत की पेशकश

संसद में भारी हंगामे के बीच अपने 9वें संबोधन में जरदारी ने कहा, “भारत के नेता दावा कर रहे हैं कि वे एक और युद्ध की तैयारी कर रहे हैं। क्षेत्रीय शांति का पक्षधर होने के नाते मैं इसकी सलाह नहीं दूंगा।” उन्होंने आगे कहा कि भारत को ‘वॉर थिएटर’ (युद्ध के मैदान) से हटकर ‘नेगोशिएशन टेबल’ (बातचीत की मेज) पर आना चाहिए क्योंकि क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए यही एकमात्र रास्ता है। हालांकि शांति की अपील के साथ जरदारी ने चेतावनी भरे लहजे में यह भी जोड़ा कि यदि कोई ‘आक्रामक’ कार्रवाई होती है, तो पाकिस्तान उसका करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, “किसी गलतफहमी में न रहें, हम तैयार हैं।”

क्या था ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘पहलगाम हमला’?

वर्तमान तनाव की जड़ें 22 अप्रैल, 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले में छिपी हैं। इस हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी, जिसका आरोप भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी गुट ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) पर लगाया था। इसके जवाब में भारत ने मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था।

सटीक हमले: भारतीय वायुसेना और सेना ने पाकिस्तान और पीओके (PoK) में आतंकी ठिकानों पर प्रिसिजन स्ट्राइक्स की थीं।

चार दिनों का संघर्ष: दोनों देशों के बीच चार दिनों तक भीषण सैन्य गतिरोध चला था, जिसमें ड्रोन हमलों और सीमा पर गोलाबारी की खबरें आई थीं।

राजनयिक कदम: भारत ने सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को स्थगित करने और अटारी-वाघा बॉर्डर बंद करने जैसे कड़े कदम उठाए थे।

अफगानिस्तान और ‘हाइड्रो-टेररिज्म’ पर घेरा

जरदारी ने न केवल भारत पर युद्ध की तैयारी का आरोप लगाया, बल्कि अफगानिस्तान के साथ बढ़ते तनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने तालिबान सरकार को चेतावनी दी कि वह अपनी धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ न होने दे। जरदारी ने आरोप लगाया कि भारत, अफगानिस्तान को पाकिस्तान के खिलाफ एक ‘बैटलफील्ड’ के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।

इसके अलावा उन्होंने सिंधु जल संधि के मुद्दे पर भारत को घेरते हुए इसे ‘हाइड्रो-टेररिज्म’ (जल-आतंकवाद) करार दिया। उन्होंने कहा कि पानी के प्रवाह को राजनीतिक हथियार बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है और इससे पाकिस्तान की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को खतरा है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जरदारी का यह बयान आंतरिक राजनीतिक दबाव और हाल ही में जारी हुई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स का नतीजा हो सकता है। हाल ही में ‘इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रेटेजिक स्टडीज’ (IISS) की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि 2025 का संघर्ष आधुनिक हवाई युद्ध के इतिहास में सबसे लंबी ‘बियॉन्ड-विजुअल-रेंज’ (BVR) लड़ाई थी। साथ ही, अमेरिकी थिंक टैंक ‘काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस’ (CFR) ने भी 2026 में दोनों देशों के बीच फिर से संघर्ष की आशंका जताई है। फिलहाल भारत की ओर से जरदारी के इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन सीमा पर चौकसी और कूटनीतिक तल्खी बरकरार है।

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