नई दिल्ली :- देश में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की राशनिंग का कोई भी प्रस्ताव नहीं है। सरकारी सूत्रों के अनुसार भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार मौजूद है जो देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। सरकार ने कहा कि लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और बाजार में ईंधन की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक देश के पास कच्चे तेल और रिफाइंड तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है जिससे आने वाले समय में भी आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना बेहद कम है। ऊर्जा मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की भी तलाश की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया जा सके।
दूसरी ओर वैश्विक गैस बाजार में भी हलचल देखी जा रही है क्योंकि कतर दुनिया की कुल एलएनजी जरूरत का लगभग बीस प्रतिशत हिस्सा सप्लाई करता है। कतर एनर्जी द्वारा फोर्स मेज्योर घोषित किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में चिंता बढ़ी है। इसके मद्देनजर भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गेल ने भी संकेत दिया है कि गैस आपूर्ति को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों तक बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि बिजली उत्पादन उर्वरक उद्योग और घरेलू गैस उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि आम जनता पर किसी प्रकार का दबाव न पड़े। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े सभी विभाग लगातार समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत बनी रहे और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।