नई दिल्ली :- देश में घरेलू रसोई गैस यानी LPG के दाम एक बार फिर बढ़ गए हैं। हाल ही में कीमतों में करीब 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला सिलेंडर लगभग 913 रुपये तक पहुंच गया है। हैरानी की बात यह है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त भंडार होने के बावजूद कीमतें बढ़ाई गई हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक इसकी मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अनिश्चितता है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण ऊर्जा आपूर्ति को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है। इस क्षेत्र से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है, इसलिए वहां की स्थिति का सीधा असर कीमतों पर पड़ता है।
इसके अलावा एलपीजी की कीमतें काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय बाजार और कच्चे तेल की दरों से जुड़ी होती हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई देता है।
सरकारी तेल कंपनियां जैसे समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय कीमतों और आयात लागत को देखते हुए एलपीजी की दरों में बदलाव करती हैं।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक है, लेकिन वैश्विक बाजार में संभावित संकट और बढ़ती लागत को देखते हुए कंपनियों ने कीमतों में यह बढ़ोतरी की है। अगर अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होते हैं तो आने वाले समय में कीमतों में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।