Oil Reserves/लंदन:-दुनिया की सात सबसे बड़ी विकसित अर्थव्यवस्थाओं के समूह (G7) ने वैश्विक स्तर पर तेल की किल्लत और बढ़ती कीमतों को थामने के लिए एक आपातकालीन योजना पर विचार शुरू कर दिया है। सोमवार को सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार, G7 देशों के वित्त मंत्री अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserves – SPR) से तेल जारी करने के लिए एक संयुक्त और समन्वित कदम उठाने की तैयारी में हैं।
क्यों पड़ी इमरजेंसी रिजर्व की जरूरत?
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजरायल तथा ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतें 25% से अधिक बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गईं, जो 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है। आपूर्ति में इस व्यवधान ने दुनिया भर के बाजारों में खलबली मचा दी है, जिसके कारण G7 देशों को यह कड़ा फैसला लेना पड़ रहा है।
प्रमुख देशों का समर्थन और रणनीतिक योजना
‘फाइनेंशियल टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के साथ मिलकर इस योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
* अमेरिका की अगुवाई: अमेरिका समेत तीन G7 देशों ने इस आपातकालीन भंडार को खोलने का पहले ही समर्थन कर दिया है।
* भंडार की क्षमता: आईईए के 32 सदस्य देशों के पास कुल मिलाकर लगभग 1.2 अरब बैरल तेल का भंडार है। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारी इस भंडार से 30 करोड़ से 40 करोड़ बैरल तेल बाजार में उतारने के पक्ष में हैं।
* समन्वित बैठक: न्यूयॉर्क के समयानुसार आज सुबह 8:30 बजे (भारतीय समयनुसार शाम 6:00 बजे) G7 वित्त मंत्रियों और आईईए के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल के बीच एक महत्वपूर्ण फोन कॉल होने वाली है, जिसमें इस पर आधिकारिक मुहर लग सकती है।
बाजार और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
यदि G7 देश अपने रिजर्व से तेल जारी करते हैं तो इसके कई सकारात्मक परिणाम हो सकते हैं:
* कीमतों में स्थिरता: बाजार में तेल की उपलब्धता बढ़ने से कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगेगी।
* सप्लाई चेन को राहत: शिपिंग में आ रही बाधाओं और उत्पादन में कटौती के बावजूद रिफाइनरियों को तेल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
* मुद्रास्फीति पर नियंत्रण: तेल सस्ता होने से परिवहन लागत कम होगी, जिससे वैश्विक महंगाई दर को बढ़ने से रोकने में मदद मिलेगी।
इतिहास में केवल पांच बार हुआ है ऐसा
यह कदम कितना बड़ा है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आईईए के इतिहास में अब तक केवल पांच बार ही इस तरह का सामूहिक कदम उठाया गया है। इससे पहले साल 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के समय 120 मिलियन बैरल तेल जारी किया गया था। यदि इस बार 400 मिलियन बैरल तक तेल जारी किया जाता है, तो यह इतिहास की सबसे बड़ी समन्वित रिलीज होगी।
क्या है रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR)?
यह कच्चे तेल का वह विशाल भंडार होता है जिसे सरकारें युद्ध, प्राकृतिक आपदा या गंभीर आपूर्ति संकट जैसी स्थितियों के लिए सुरक्षित रखती हैं। अमेरिका और जापान के पास इस भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा (करीब 700 मिलियन बैरल) मौजूद है।