Anthropic sues : एंथ्रोपिक ने ट्रंप प्रशासन पर किया मुकदमा, ‘सप्लाई चेन रिस्क’ के ठप्पे को दी चुनौती

Anthropic sues/ दिल्ली:-प्रसिद्ध AI चैटबॉट ‘क्लाउड’ (Claude) बनाने वाली कंपनी एंथ्रोपिक ने सोमवार, 9 मार्च को ट्रंप प्रशासन के खिलाफ दो अलग-अलग मुकदमे दायर किए। यह कानूनी कार्रवाई अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) द्वारा कंपनी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए “सप्लाई चेन रिस्क” के रूप में ब्लैकलिस्ट करने के विरोध में की गई है। यह पहली बार है जब अमेरिकी सरकार ने किसी अमेरिकी कंपनी के खिलाफ इस तरह के कड़े प्रतिबंधात्मक उपकरण का उपयोग किया है जो आमतौर पर चीनी या रूसी कंपनियों के लिए सुरक्षित रखा जाता है।

विवाद की जड़: युद्ध और निगरानी पर ‘सुरक्षा सीमाएं’

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब एंथ्रोपिक और पेंटागन के बीच अपनी AI तकनीक के सैन्य उपयोग को लेकर बातचीत विफल हो गई। एंथ्रोपिक ने स्पष्ट किया था कि वह अपनी तकनीक (Claude) का उपयोग दो विशिष्ट कार्यों के लिए नहीं होने देगी:

* पूर्णतः स्वायत्त हथियार (Fully Autonomous Weapons): ऐसे हथियार जो बिना मानवीय हस्तक्षेप के जानलेवा हमले कर सकें।

* सामूहिक घरेलू निगरानी (Mass Domestic Surveillance): अमेरिकी नागरिकों की बड़े पैमाने पर जासूसी।

कंपनी का तर्क है कि वर्तमान AI मॉडल इतने विश्वसनीय नहीं हैं कि उन्हें स्वायत्त हथियारों की कमान दी जा सके। वहीं, ट्रंप प्रशासन और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का कहना है कि अमेरिकी कानून—न कि कोई निजी कंपनी—तय करेगा कि देश की रक्षा के लिए AI का उपयोग कैसे किया जाए।

ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई और एंथ्रोपिक का पक्ष

जब एंथ्रोपिक ने अपनी सुरक्षा सीमाओं (Guardrails) को हटाने से इनकार कर दिया, तो राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर कंपनी को “रेडिकल लेफ्ट और वोक कंपनी” (Radical Left, Woke Company) करार दिया। इसके तुरंत बाद, पेंटागन ने इसे “सप्लाई चेन रिस्क” घोषित कर दिया और सभी संघीय एजेंसियों को एंथ्रोपिक की तकनीक का उपयोग बंद करने का निर्देश दिया गया।

मुकदमे में एंथ्रोपिक ने कहा है:

* यह कार्रवाई “अभूतपूर्व और गैरकानूनी” है।

* सरकार अपनी शक्ति का उपयोग किसी कंपनी को उसके ‘फ्री स्पीच’ (संरक्षित अभिव्यक्ति) के लिए दंडित करने हेतु नहीं कर सकती।

* यह कदम कंपनी की साख को नुकसान पहुँचा रहा है और इसके करोड़ों डॉलर के निजी अनुबंधों को खतरे में डाल रहा है।

कृत्रिम होशियारी (AI) उद्योग पर इसके मायने

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुकदमा केवल एंथ्रोपिक का नहीं बल्कि पूरे कृत्रिम होशियारी उद्योग की स्वायत्तता का सवाल है। यदि सरकार कंपनियों को उनकी सुरक्षा नीतियों के कारण “सुरक्षा जोखिम” घोषित करने लगे, तो इससे नई तकनीक के विकास और नैतिकता (Ethics) के बीच का संतुलन बिगड़ सकता है। दिलचस्प बात यह है कि जहाँ एंथ्रोपिक पर प्रतिबंध लगे हैं, वहीं ओपनएआई (OpenAI) ने हाल ही में पेंटागन के साथ एक बड़ा समझौता किया है। एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने लीक हुए एक आंतरिक मेमो में आरोप लगाया था कि प्रशासन उनके खिलाफ इसलिए है क्योंकि उन्होंने “ट्रंप की तानाशाह शैली में प्रशंसा” नहीं की।

आगे क्या होगा?

एंथ्रोपिक ने कैलिफोर्निया की संघीय अदालत और वाशिंगटन डीसी की अपीलीय अदालत में याचिका दायर की है। कंपनी ने अदालत से मांग की है कि इस पदनाम (Designation) को तुरंत रद्द किया जाए और इसे लागू होने से रोका जाए। इस मामले का फैसला यह तय करेगा कि अमेरिका में भविष्य के AI युद्ध और नागरिक अधिकारों के बीच की लकीर कौन खींचेगा—सरकार या तकनीक बनाने वाली कंपनियां।

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