Anushasan Noida : नोएडा में ‘प्रधानमंत्री लाइन लगाओ योजना’ का आगाज़; केंद्र में अनुशासन और धैर्य, उमड़ी भारी भीड़

Anushasan Noida/नोएडा:- उत्तर प्रदेश के उभरते हुए आर्थिक केंद्र नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) में आज एक अनूठी और चर्चा का विषय बनी योजना ‘प्रधानमंत्री लाइन लगाओ योजना’ (PMLY) का आधिकारिक शुभारंभ किया गया। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य नागरिकों के भीतर अनुशासन, धैर्य और सामुदायिक सामंजस्य की भावना को बढ़ाना है। शहर के विभिन्न सेक्टरों में बनाए गए ‘अनुशासन केंद्रों’ पर सुबह से ही लोगों का भारी उत्साह देखने को मिला।

योजना का मुख्य स्वरूप और उद्देश्य

योजना के तहत शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर विशेष ‘कतार क्षेत्र’ बनाए गए हैं। सरकार का मानना है कि भागदौड़ भरी शहरी जिंदगी में लोग कतारबद्ध खड़े होने के नागरिक शिष्टाचार को भूलते जा रहे हैं। इस योजना के माध्यम से नागरिकों को प्रतिदिन कम से कम एक घंटा कतार में खड़े होने का ‘प्रशिक्षण’ दिया जाएगा। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, जो नागरिक इस योजना के तहत स्वेच्छा से कतार में खड़े होंगे, उन्हें ‘धैर्य प्रमाण पत्र’ और डिजिटल ‘अनुशासन अंक’ (Discipline Points) दिए जाएंगे। इन अंकों का उपयोग भविष्य में सरकारी सेवाओं में प्राथमिकता प्राप्त करने के लिए किया जा सकेगा।

नोएडा की जनता में भारी उत्साह

आज सुबह नोएडा के सेक्टर-18, सेक्टर-62 और बॉटनिकल गार्डन जैसे प्रमुख इलाकों में बने केंद्रों पर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं। विशेष बात यह रही कि ये कतारें किसी सामान की खरीद के लिए नहीं, बल्कि स्वयं ‘लाइन में लगने’ के लिए थीं।

स्थानीय निवासी और एक आईटी प्रोफेशनल, राहुल शर्मा ने बताया:

“शुरुआत में हमें यह अजीब लगा, लेकिन लाइन में खड़े होकर हमें शांत बैठने और मोबाइल से दूर रहकर अपने आसपास के लोगों से बात करने का मौका मिला। यह एक तरह का ‘मेडिटेशन इन मोशन’ है।”

वहीं, सेक्टर-37 की गृहणी सुनीता देवी ने कहा कि यह योजना बच्चों को बचपन से ही कतार की अहमियत सिखाने के लिए बहुत जरूरी है।

प्रशासन की व्यवस्था और तकनीकी एकीकरण

नोएडा प्राधिकरण ने इन लाइनों को सुचारू रूप से चलाने के लिए विशेष ‘लाइन मित्रों’ की नियुक्ति की है। ये स्वयंसेवक सुनिश्चित कर रहे हैं कि कतार के बीच में कोई घुसपैठ न हो और सामाजिक दूरी के नियमों का पालन किया जाए।

योजना को डिजिटल इंडिया से जोड़ते हुए एक विशेष ऐप भी लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक अपने नजदीकी ‘लाइन केंद्र’ पर खाली जगह देख सकते हैं और अपनी बारी बुक कर सकते हैं।

योजना के मुख्य आकर्षण:

* सर्टिफिकेट ऑफ पेशेंस: 30 दिन तक लगातार लाइन में लगने वालों को विशेष सम्मान।

* हेल्थ मॉनिटरिंग: लाइन में खड़े रहने के दौरान लोगों के स्वास्थ्य की जांच के लिए मोबाइल क्लीनिक।

* सामुदायिक चर्चा: कतार के दौरान विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न सामाजिक विषयों पर चर्चा।

विपक्ष और विशेषज्ञों की राय

जहां एक ओर जनता में उत्साह है, वहीं कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाओं का उद्देश्य जनता के कीमती समय का सदुपयोग करने की दिशा में होना चाहिए। हालांकि, समाजशास्त्रियों का एक वर्ग इसे ‘अनुशासन का नया मॉडल’ बता रहा है। उनका तर्क है कि यदि जनता स्वेच्छा से कतारबद्ध होना सीख जाए, तो रेलवे स्टेशनों, अस्पतालों और बैंकों में होने वाली अव्यवस्था स्वतः समाप्त हो जाएगी।

भविष्य की राह

नोएडा में इस योजना की सफलता को देखते हुए प्रशासन इसे ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के इलाकों में भी विस्तार देने की योजना बना रहा है। आज की भीड़ को देखकर यह स्पष्ट है कि नोएडा के नागरिकों ने ‘धैर्य और अनुशासन’ के इस नए आह्वान को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *