Global Economy/वॉशिंगटन:- कल अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और शेयर मार्केट में एक ऐसी हलचल देखी गई जिसने दुनिया भर के निवेशकों को हैरत में डाल दिया। मामला अमेरिका के ऊर्जा मंत्री द्वारा किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है, जिसे बाद में ‘झूठा’ बताकर डिलीट कर दिया गया। अब विशेषज्ञ और विपक्षी नेता आरोप लगा रहे हैं कि ट्रंप सरकार के अधिकारी जानबूझकर बाजार को ‘मेनीप्युलेट’ (हेरफेर) कर रहे हैं ताकि विशिष्ट समूहों को लाभ पहुँचाया जा सके।
एक पोस्ट और गिरते तेल के दाम
कल शाम अमेरिकी ऊर्जा मंत्री ने एक पोस्ट साझा किया जिसमें दावा किया गया कि एक अमेरिकी व्यापारिक जहाज ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) से बिना किसी बाधा के सुरक्षित निकल गया है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया का सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ता है, जहाँ से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस क्षेत्र में तनाव कम होने की खबर मिलते ही बाजार ने तुरंत प्रतिक्रिया दी।
* तेल की कीमतों में गिरावट: जैसे ही यह खबर फैली कि रास्ता सुरक्षित है, कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
* शेयर बाजार में उछाल: परिवहन लागत कम होने की उम्मीद में अमेरिकी शेयर बाजार (Wall Street) तेजी से ऊपर भागा।
सच का खुलासा और ‘डिलीट’ का खेल
बाजार अभी इस तेजी का जश्न मना ही रहा था कि स्वतंत्र रक्षा विश्लेषकों और रडार डेटा ने इस दावे की पोल खोल दी। पता चला कि संबंधित जहाज उस क्षेत्र में था ही नहीं या स्थिति वैसी नहीं थी जैसा दावा किया गया था। जैसे ही सच्चाई सामने आने लगी, ऊर्जा मंत्री ने बिना किसी स्पष्टीकरण के अपना पोस्ट डिलीट कर दिया और वहां से हट गए। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। बाजार में अरबों डॉलर का लेन-देन हो चुका था। ऊंचे दामों पर शेयर बेचे जा चुके थे और शॉर्ट-सेलिंग करने वालों ने मोटा मुनाफा कमा लिया था।
मार्केट मैनिपुलेशन के गंभीर आरोप
अब ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों पर चौतरफा हमले हो रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि यह कोई ‘मानवीय भूल’ नहीं बल्कि एक सोची-समझी रणनीति थी।
* पंप एंड डंप: कई विश्लेषकों का मानना है कि यह ‘पंप एंड डंप’ का एक सरकारी संस्करण है, जहां झूठी खबर फैलाकर मार्केट को ऊपर ले जाया जाता है और फिर लाभ कमाकर पीछे हट जाया जाता है।
* इनसाइडर ट्रेडिंग का शक: सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस पोस्ट के होने से पहले कुछ खास लोगों को इसकी जानकारी थी? क्या प्रशासन के करीबी लोगों ने बाजार की इस कृत्रिम तेजी का फायदा उठाकर अपनी पोजीशन सेट की थी?
* ट्रंप प्रशासन की कार्यशैली: ट्रंप सरकार पर पहले भी आरोप लगते रहे हैं कि वे सोशल मीडिया को नीतिगत साधनों के बजाय बाजार को प्रभावित करने वाले टूल की तरह इस्तेमाल करते हैं।
वैश्विक साख पर खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के जिम्मेदार मंत्री इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना या प्रेरित पोस्ट करेंगे, तो अंतरराष्ट्रीय बाजारों का अमेरिका पर से भरोसा उठ जाएगा। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जैसे रणनीतिक स्थानों से जुड़ी गलत जानकारी युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर सकती है या वैश्विक मंदी का कारण बन सकती है। फिलहाल व्हाइट हाउस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है लेकिन सोशल मीडिया पर ‘मार्केट मैनिपुलेशन’ ट्रेंड कर रहा है। निवेशक अब मांग कर रहे हैं कि इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए कि उस एक ‘डिलीटेड पोस्ट’ से किसे सबसे ज्यादा आर्थिक लाभ पहुँचा।