लखनऊ (उत्तर प्रदेश):- अखिलेश यादव ने अयोध्या में राम रसोई और प्रसाद व्यवस्था को लेकर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियों की वजह से अयोध्या में सदियों से चली आ रही राम रसोई और प्रसाद वितरण की सनातनी परंपरा प्रभावित हो रही है।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि अयोध्या केवल एक धार्मिक नगरी ही नहीं बल्कि सनातन परंपराओं और सामाजिक सेवा की भावना का प्रतीक भी है। उनका कहना है कि यहां लंबे समय से श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों के लिए प्रसाद और भोजन की व्यवस्था की परंपरा चली आ रही थी लेकिन अब इसमें व्यवधान की खबरें सामने आ रही हैं जो चिंताजनक है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी ने खुद को सनातन परंपरा का रक्षक बताया वही अब ऐसी व्यवस्थाओं को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि सनातन से जुड़ी परंपराओं पर भी राजनीति का असर देखने को मिलेगा।
अखिलेश यादव ने अपने संदेश में यह भी कहा कि जब भाजपा सत्ता से जाएगी तब सदाव्रत और सेवा की परंपराएं फिर से मजबूत होंगी। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया और राजनीतिक हलकों में भी इसे लेकर बहस शुरू हो गई है।
दूसरी ओर भाजपा की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अयोध्या से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दे अक्सर राजनीति के केंद्र में आ जाते हैं और ऐसे बयानों से सियासी माहौल और गर्म हो सकता है।
अयोध्या देश की आस्था का प्रमुख केंद्र है और यहां की धार्मिक व्यवस्थाओं को लेकर हर फैसला लोगों की भावनाओं से जुड़ा होता है। ऐसे में इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।