चंडीगढ़ (पंजाब):- पंजाब की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है। राज्यसभा में इंटरव्यू के अंकों में कथित हेरफेर का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया। इस मामले को लेकर कई विधायकों ने चिंता जताई और पारदर्शिता की मांग की।
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान आरोप लगाया गया कि कुछ भर्तियों में इंटरव्यू के नंबरों में गड़बड़ी की गई, जिससे चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मुद्दे पर चर्चा के बाद सदन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित एजेंसियों से विस्तृत जानकारी लेने की बात कही।
इस मामले में रिपोर्ट तलब करने की तैयारी की जा रही है ताकि पूरी प्रक्रिया की जांच की जा सके और यह स्पष्ट हो सके कि कहीं चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हुई।
विधायकों का कहना है कि सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। यदि इंटरव्यू अंकों में किसी तरह की हेराफेरी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा है और कहा है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी स्वीकार नहीं की जा सकती।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या सचमुच इंटरव्यू अंकों में हेरफेर हुआ था या नहीं। सदन द्वारा रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद इस पूरे मामले पर जल्द ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद जताई जा रही है।