नई दिल्ली :- देश में आम लोगों की रसोई पर महंगाई का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले रसोई गैस की कीमतों ने लोगों की जेब पर दबाव डाला और अब खाने में इस्तेमाल होने वाले तेल के दाम भी अचानक बढ़ गए हैं। सरसों तेल और रिफाइंड तेल की कीमतों में लगभग तीस रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी होने से घरों का मासिक बजट फिर से प्रभावित होने लगा है।
खास तौर पर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी बड़ी परेशानी बनती जा रही है क्योंकि रसोई गैस और खाने का तेल दोनों ही रोजमर्रा की जरूरत की चीजें हैं। पहले से ही बढ़ी हुई गैस कीमतों के कारण लोग खर्च कम करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन अब तेल महंगा होने से सब्जी और भोजन बनाना भी महंगा पड़ने लगा है।
व्यापारियों का कहना है कि बाजार में खाने के तेल की सप्लाई पहले की तुलना में कम हो गई है। उनका दावा है कि सीमित मात्रा में माल बाजार में पहुंच रहा है जिसके कारण कीमतों में तेजी देखी जा रही है। कई थोक बाजारों में भी सरसों तेल और रिफाइंड तेल के दाम बढ़ने की खबरें सामने आई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सप्लाई की स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं। इसका असर सीधे आम लोगों की रसोई और दैनिक खर्चों पर पड़ेगा।
उधर आम नागरिकों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है। गैस सिलेंडर के बाद अब खाने के तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
फिलहाल बाजार की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही आपूर्ति बढ़ेगी और कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है ताकि रसोई का बजट फिर से संतुलित हो सके।