ईरान :- मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और इजरायल के साथ जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए तीन अहम शर्तें सामने रखी हैं। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या अब क्षेत्र में जारी टकराव को रोकने की दिशा में कोई रास्ता निकल सकता है।
ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी शांति प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले ईरान के कानूनी अधिकारों को स्पष्ट रूप से मान्यता दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता और देश अपने अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
दूसरी शर्त के रूप में उन्होंने यह मांग रखी कि भविष्य में ईरान पर किसी भी प्रकार के सैन्य हमले की गारंटी दी जाए। उनका कहना है कि यदि शांति समझौता होता है तो उसमें यह सुनिश्चित होना चाहिए कि अमेरिका या इजरायल की ओर से दोबारा हमला नहीं किया जाएगा।
तीसरी शर्त के तहत ईरान ने क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भरोसेमंद व्यवस्था बनाने की बात कही है। ईरानी नेतृत्व का मानना है कि बिना मजबूत सुरक्षा गारंटी के कोई भी समझौता टिकाऊ नहीं होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि ये शर्तें इस बात का संकेत हैं कि ईरान किसी भी वार्ता में अपनी सुरक्षा और अधिकारों को प्राथमिकता देना चाहता है। दूसरी ओर अमेरिका और इजरायल की प्रतिक्रिया पर भी सबकी नजर बनी हुई है क्योंकि उनके रुख से ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल मध्य पूर्व में तनाव बना हुआ है और कई देशों ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। अब देखना होगा कि क्या इन शर्तों के आधार पर वार्ता आगे बढ़ती है या फिर क्षेत्र में संघर्ष जारी रहता है।