वाशिंगटन (अमेरिका):- आगामी FIFA World Cup से पहले एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक कथित बयान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। आरोप है कि उन्होंने ईरान को लेकर कड़ा और धमकी भरा बयान दिया, जिसके बाद खेल और राजनीति दोनों क्षेत्रों में बहस शुरू हो गई है।
क्या कहा गया बयान में
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यक्रम के दौरान ईरान को लेकर टिप्पणी की। कथित रूप से उन्होंने कहा कि अगर टीम को “अपनी जिंदगी की परवाह है” तो उसे कुछ राजनीतिक मुद्दों से दूर रहना चाहिए।
इस बयान के सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में हलचल मच गई और कई लोगों ने इसे खेल में राजनीति घुसाने की कोशिश बताया।
खेल जगत में प्रतिक्रिया
खेल विशेषज्ञों और कई पूर्व खिलाड़ियों का कहना है कि खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए। उनका मानना है कि विश्व कप जैसे बड़े मंच पर खिलाड़ियों पर किसी प्रकार का दबाव बनाना खेल भावना के खिलाफ है।
कुछ विश्लेषकों ने यह भी कहा कि इस तरह के बयान से खिलाड़ियों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति पर असर पड़ सकता है।
ईरान में भी तेज हुई चर्चा
ईरान में भी इस बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहां के खेल प्रेमियों और कई सामाजिक संगठनों ने कहा कि फुटबॉल टीम देश का प्रतिनिधित्व करती है और खिलाड़ियों को किसी भी राजनीतिक दबाव से दूर रहकर खेल पर ध्यान देना चाहिए।
विश्व कप से पहले बढ़ा तनाव
FIFA World Cup जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले इस प्रकार का विवाद सामने आना खेल आयोजकों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के विवाद खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टूर्नामेंट के माहौल को प्रभावित कर सकते हैं।
खेल और राजनीति का पुराना विवाद
खेल और राजनीति का टकराव नया नहीं है। इतिहास में कई बार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के दौरान राजनीतिक बयान या विवाद सामने आए हैं। हालांकि खेल संस्थाएं हमेशा यह कोशिश करती हैं कि प्रतियोगिताएं निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित हों।
FIFA World Cup से पहले सामने आया यह विवाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या खेल को पूरी तरह राजनीति से अलग रखा जा सकता है। फिलहाल दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर क्या नया मोड़ आता है।