नई दिल्ली :- देश में रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। गैस सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी को लेकर नए नियम लागू किए गए हैं। इन नियमों के तहत अब उपभोक्ता पिछला सिलेंडर मिलने के 45 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक कर सकेंगे। साथ ही गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय ओटीपी प्रणाली को अनिवार्य कर दिया गया है। इस बदलाव का उद्देश्य गैस की कालाबाजारी रोकना और सही उपभोक्ता तक सिलेंडर पहुंचाना बताया जा रहा है।
45 दिन बाद ही होगी नई बुकिंग
नए नियमों के अनुसार अब उपभोक्ता को पिछली डिलीवरी के बाद कम से कम 45 दिन का अंतर रखना होगा। यानी यदि किसी उपभोक्ता को आज गैस सिलेंडर मिला है तो वह अगली बुकिंग 45 दिन पूरे होने के बाद ही कर सकेगा।
सरकारी कंपनियों का कहना है कि इस नियम से गैस की अनावश्यक बुकिंग और जमाखोरी पर रोक लगेगी।
ओटीपी से होगी गैस सिलेंडर की डिलीवरी
गैस सिलेंडर की डिलीवरी के दौरान अब ओटीपी प्रणाली लागू की गई है। जब सिलेंडर उपभोक्ता के घर पहुंचेगा, तब पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।
डिलीवरी देने वाला कर्मचारी उपभोक्ता से वह ओटीपी लेकर ही सिलेंडर सौंपेगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गैस सही व्यक्ति को ही दी गई है।
क्यों बदले गए नियम
सरकारी कंपनियों के अनुसार कई जगहों पर गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और गलत तरीके से डिलीवरी की शिकायतें सामने आती रही हैं।
नए नियम लागू करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि
गैस सिलेंडर सही उपभोक्ता तक पहुंचे
फर्जी बुकिंग और अवैध बिक्री पर रोक लगे
वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी बने
उपभोक्ताओं को क्या करना होगा
नए नियमों के बाद उपभोक्ताओं को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना होगा:
गैस एजेंसी में सही मोबाइल नंबर पंजीकृत होना चाहिए।
डिलीवरी के समय मोबाइल फोन पास में रखें ताकि ओटीपी तुरंत बताया जा सके।
45 दिन पूरे होने से पहले नई बुकिंग संभव नहीं होगी।
रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी को लेकर किए गए ये बदलाव उपभोक्ताओं और वितरण व्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं। सरकार का मानना है कि इससे गैस वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी और कालाबाजारी पर रोक लगेगी।
हालांकि कई उपभोक्ताओं का कहना है कि 45 दिन का अंतर कुछ परिवारों के लिए चुनौती बन सकता है, इसलिए आने वाले समय में इस नियम के असर पर सबकी नजर रहेगी।