पानीपत (हरियाणा):- हरियाणा के पानीपत में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान ने संगठन के सौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर चल रहे विशेष कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक पड़ाव को ध्यान में रखते हुए संगठन ने अपने कार्यों और गतिविधियों को नए स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि संघ ने पिछले कुछ वर्षों में अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए कई प्रयास किए हैं। इस दिशा में सबसे बड़ा लक्ष्य देश भर में शाखाओं की संख्या बढ़ाना रहा है। संघ का मानना है कि शाखाएं संगठन की मूल इकाई होती हैं और इन्हीं के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाई जाती है।
दत्तात्रेय होसबाले ने बताया कि बीते वर्षों में संघ ने गांव से लेकर शहर तक शाखाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया है। इसके लिए कार्यकर्ताओं ने लगातार संपर्क अभियान चलाया और समाज के अलग अलग वर्गों से संवाद स्थापित किया। इस प्रयास का सकारात्मक परिणाम सामने आया है और कई क्षेत्रों में नई शाखाएं शुरू हुई हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल संख्या बढ़ाना नहीं है बल्कि समाज के साथ गहरा संबंध बनाना भी है। शाखाओं के माध्यम से युवाओं में अनुशासन सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने का प्रयास किया जाता है।
प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि संघ के सौ वर्ष पूरे होने का यह अवसर संगठन के लिए आत्ममंथन का भी समय है। इसी कारण विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को समाज के बीच अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
दत्तात्रेय होसबाले के अनुसार आने वाले समय में भी संघ समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने का प्रयास जारी रखेगा। संगठन का लक्ष्य देश के अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना और समाज सेवा के कार्यों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना है।