नई दिल्ली :-देश में गैस आपूर्ति को लेकर बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब जिन उपभोक्ताओं के घरों में पाइप गैस यानी पीएनजी का कनेक्शन है उन्हें घरेलू एलपीजी सिलिंडर नहीं दिया जाएगा। ऐसे उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण गैस आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। एलपीजी की उपलब्धता को संतुलित बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है ताकि जिन घरों में पाइप गैस की सुविधा नहीं है उन्हें प्राथमिकता दी जा सके।
दोहरी गैस सुविधा खत्म करने का फैसला
सरकारी सूत्रों के अनुसार कई शहरों में ऐसे उपभोक्ता हैं जिनके पास एक साथ पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन मौजूद हैं। संकट की स्थिति में इस दोहरी सुविधा को खत्म करने का निर्णय लिया गया है। अब जिन घरों में पहले से पीएनजी उपलब्ध है उन्हें उसी का उपयोग करना होगा और एलपीजी सिलिंडर का कनेक्शन वापस करना पड़ेगा।
गैस आपूर्ति को संतुलित करने की कोशिश
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से एलपीजी सिलिंडर की उपलब्धता उन क्षेत्रों में बेहतर हो सकती है जहां पाइप गैस नेटवर्क नहीं पहुंच पाया है। देश के कई ग्रामीण और छोटे शहरों में अब भी बड़ी संख्या में परिवार पूरी तरह एलपीजी पर निर्भर हैं।
उपभोक्ताओं पर क्या पड़ेगा असर
जिन उपभोक्ताओं के घरों में पीएनजी कनेक्शन पहले से मौजूद है उनके लिए खाना बनाने की सुविधा जारी रहेगी क्योंकि पाइप गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से चलती रहती है। हालांकि उन्हें एलपीजी सिलिंडर का विकल्प छोड़ना होगा।
सरकार का कहना है कि यह कदम अस्थायी परिस्थिति को देखते हुए उठाया गया है और इसका उद्देश्य गैस संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना है। आने वाले समय में स्थिति सामान्य होने पर नीति में बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है।