कोलकाता(पश्चिम बंगाल):- पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव 2026 कई मायनों में खास होने जा रहे हैं। इस बार 74 साल के इतिहास में पहली बार राज्य में दो चरणों में मतदान कराया जाएगा। इस फैसले की घोषणा भारतीय निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम जारी करते समय की।
कब होगा मतदान
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों में से 152 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा। इसके बाद बाकी 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। दोनों चरणों की वोटिंग पूरी होने के बाद 4 मई को मतगणना की जाएगी और उसी दिन नतीजे घोषित किए जाएंगे।
दो चरणों में चुनाव कराने की वजह
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान कराने के पीछे कई प्रशासनिक और सुरक्षा कारण हैं। राज्य के कई क्षेत्रों को संवेदनशील माना जाता है इसलिए मतदान के दौरान पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती जरूरी होती है।
दो चरणों में चुनाव कराने से सुरक्षा बलों का बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है और हर क्षेत्र में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने में मदद मिलती है। इसके अलावा चुनाव आयोग को मतदान केंद्रों के प्रबंधन और चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में भी सुविधा मिलती है।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रमुख दलों के नेता लगातार जनसभाएं और रैलियां कर रहे हैं। मतदाताओं को लुभाने के लिए विभिन्न मुद्दों पर जोर दिया जा रहा है।
नतीजों पर देश की नजर
पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजे राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसलिए पूरे देश की नजर इस चुनाव पर टिकी हुई है। 4 मई को होने वाली मतगणना के बाद यह तय होगा कि राज्य में अगली सरकार किस पार्टी की बनेगी।