नई दिल्ली :- आजकल डिजिटल बैंकिंग और एटीएम सेवाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है लेकिन कई बार तकनीकी गड़बड़ी के कारण ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया जिसमें एटीएम से नकद राशि नहीं निकली लेकिन ग्राहक के खाते से पैसा कट गया। इस मामले में अदालत ने बैंक को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि यदि ग्राहक को एटीएम से पैसा नहीं मिलता और खाते से राशि कट जाती है तो इसकी जिम्मेदारी बैंक की होती है। बैंक को तय समय के भीतर ग्राहक की रकम वापस करनी होगी और यदि देरी होती है तो बैंक को मुआवजा भी देना पड़ सकता है।
इस तरह के मामलों में बैंक को तकनीकी जांच कर यह पता लगाना होता है कि लेनदेन वास्तव में सफल हुआ था या नहीं। यदि एटीएम मशीन से नकद नहीं निकला तो बैंक को ग्राहक के खाते में पूरी राशि वापस जमा करनी होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एटीएम से संबंधित शिकायतों के लिए ग्राहक सबसे पहले बैंक में शिकायत दर्ज कर सकता है। यदि वहां से समाधान नहीं मिलता तो मामला उपभोक्ता मंच या अदालत तक भी पहुंच सकता है। अदालतें अक्सर ऐसे मामलों में ग्राहकों के हित को प्राथमिकता देती हैं।
इस फैसले के बाद बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि एटीएम सेवाएं सही तरीके से काम करें और ग्राहकों की शिकायतों का समय पर समाधान किया जाए। इससे बैंकिंग प्रणाली में लोगों का भरोसा बना रहता है और उपभोक्ताओं के अधिकार भी सुरक्षित रहते हैं।