आगरा (उत्तर प्रदेश):- आगरा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहां एक 38 वर्षीय युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जानकारी के अनुसार युवक ने अपने शरीर के निजी हिस्से में एक बोतल डाल ली जो अंदर फंस गई और उसकी हालत बिगड़ती चली गई।
बताया जा रहा है कि युवक करीब 36 घंटे तक तेज दर्द झेलता रहा लेकिन शर्म और डर की वजह से तुरंत अस्पताल नहीं पहुंचा। जब स्थिति ज्यादा खराब हो गई तब परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद तुरंत सर्जरी करने का फैसला लिया और सफल ऑपरेशन के जरिए बोतल को बाहर निकाला।
डॉक्टरों के अनुसार ऐसे मामलों में देरी करना जानलेवा हो सकता है क्योंकि अंदरूनी चोट और संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। समय पर इलाज मिलने से युवक की जान बचाई जा सकी। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे हैं।
मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला मानसिक और व्यवहारिक स्वास्थ्य से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग मनो-यौन विकार जैसी समस्याओं से जूझते हैं जिसमें असामान्य व्यवहार देखने को मिल सकता है। ऐसे मामलों में मरीज को इलाज और काउंसलिंग की जरूरत होती है न कि उपहास या शर्मिंदगी की।
यह घटना इस बात की भी याद दिलाती है कि किसी भी तरह की शारीरिक या मानसिक परेशानी होने पर बिना झिझक डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। सही समय पर मदद लेना ही सबसे सुरक्षित रास्ता होता है।