केरल :- केरल में वैज्ञानिकों ने एक बेहद दुर्लभ और चौंकाने वाली खोज की है जहां वेला कार्ली नाम का एक केकड़ा मिला है जो आधा नर और आधा मादा है। यह खोज प्रकृति के उन रहस्यों को दिखाती है जिन्हें समझना अभी बाकी है।
इस स्थिति को वैज्ञानिक भाषा में बाइलेटरल गाइनैंड्रोमॉर्फिज्म कहा जाता है जिसमें शरीर का एक हिस्सा नर के गुण दिखाता है जबकि दूसरा हिस्सा मादा के गुणों वाला होता है। इस केकड़े में एक तरफ का पंजा बड़ा और मजबूत है जो नर की पहचान है जबकि दूसरी तरफ का हिस्सा मादा जैसा दिखाई देता है।
यह घटना बहुत ही दुर्लभ होती है और आमतौर पर जीव के शुरुआती विकास के दौरान कोशिकाओं के असामान्य विभाजन के कारण होती है। इसी वजह से एक ही शरीर में दो अलग अलग लैंगिक विशेषताएं विकसित हो जाती हैं।
यह खोज सिर्फ देखने में ही अनोखी नहीं है बल्कि विज्ञान के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। इससे वैज्ञानिकों को जीन और लैंगिक विकास को समझने में मदद मिलती है।
यह आधा नर और आधा मादा केकड़ा हमें यह सिखाता है कि प्रकृति हमेशा हमारे नियमों के अनुसार नहीं चलती और कभी कभी ऐसे अद्भुत रूप सामने लाती है जो हमारी सोच से परे होते हैं।