नई दिल्ली :- मिडिल ईस्ट में ईरान की इजराइल और अमेरिका के साथ बेहद खतरनाक जंग बढ़ती जा रही है। मिसाइलें, ड्रोन और एयर स्ट्राइक हर दिन हालात और ज्यादा गंभीर बनते जा रहे हैं। लेकिन इसी बीच भारत ने चुपचाप एक ऐसा कदम उठा लिया जिसने पूरी दुनिया को साफ संदेश दिया कि भारत अब सिर्फ देख नहीं रहा बल्कि पूरी तैयारी में है। भारत ने पहली बार पिनाका एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट के दो प्रोडक्शन बेंचों का सफल परीक्षण किया और उसकी वीडियो आपके सामने है। यह कोई साधारण डिश नहीं है बल्कि यह भारत की सैन्य ताकत और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। इस ऐतिहासिक परीक्षण को राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में अंजाम दिया गया। वही पोखरण जहां भारत ने अपने परमाणु परीक्षणों से दुनिया को चौंका दिया था और अब उसी धरती से एक बार फिर भारत की ताकत की गूंज सुनाई दे रही है। इस टेस्ट में कुल 24 पिनाका एनहांस रॉकेट ल्च किए गए।
इजरायल ने लड़ाकू विमान से क्यों गिराएं हजारों कागज? भारत भी रह गया हैरान!
इनका उद्देश्य था इनकी सटीकता, निरंतरता और मारक क्षमता को परखना और रिपोर्ट्स के मुताबिक इन रॉकेट्स ने हर पैरामीटर पर शानदार प्रदर्शन किया। अब सवाल उठता है कि यह पिनाका एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट आखिर है क्या? दरअसल पिनाका एक मल्टीबैरल रॉकेट लॉन्च सिस्टम है जिसे पूरी तरह भारत में विकसित किया गया है। यह सिस्टम कुछ ही सेकंड में दर्जनों रॉकेट दाग सकता है और दुश्मन के बड़े इलाके को तबाह करने की क्षमता रखता है। लेकिन इस नए वर्जन यानी कि एक्सटेंडेड रेंज की खास बात यह है कि इसकी मारक क्षमता पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा दी गई है। जहां पहले इसकी रेंज करीब 40 कि.मी. थी, वहीं अब 70 से 90 कि.मी. तक सटीक वार कर सकता है। यानी अब भारतीय सेना दुश्मन को दूर से और ज्यादा सटीक तरीके से निशाना बना सकती है। और सबसे बड़ी बात यह टेस्ट सिर्फ एक प्रोटोटाइप का नहीं था बल्कि दो अलग-अलग प्रोडक्शन बेंचों का था। इसका मतलब होता है कि अब यह टेक्नोलॉजी सिर्फ लैब तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए तैयार है।