राष्ट्रीय महिला आयोग ने सरके चुनर गाने पर लिया संज्ञान नोरा फतेही संजय दत्त समेत पांच को समन

नई दिल्ली :- राष्ट्रीय महिला आयोग ने बॉलीवुड के हालिया विवादित गाने सरके चुनर तेरी सरके पर स्वतः संज्ञान लिया है। गाने में इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक भाषा अश्लीलता और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले शब्दों के आरोप लगे हैं जिसके बाद आयोग ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। नोरा फतेही संजय दत्त और अन्य तीन लोगों को समन जारी किया गया है ताकि वे आयोग के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रख सकें।

यह गाना हाल ही में रिलीज हुआ था जिसमें नोरा फतेही मुख्य अभिनेत्री हैं और संजय दत्त ने विशेष भूमिका निभाई है। गाने के बोल और विजुअल्स सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़े पैमाने पर आलोचना हुई। कई संगठनों और आम नागरिकों ने इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया जिसके चलते राष्ट्रीय महिला आयोग ने इसे गंभीर मुद्दा मानकर जांच शुरू की। आयोग का कहना है कि मनोरंजन के नाम पर अश्लील सामग्री फैलाना अस्वीकार्य है और यह भारतीय संस्कृति के मूल्यों के विरुद्ध है।

समन में पांच लोगों को शामिल किया गया है जिसमें नोरा फतेही संजय दत्त गाने के गीतकार संगीतकार और प्रोडक्शन हाउस के प्रतिनिधि शामिल हैं। उन्हें आयोग के दिल्ली कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होने या लिखित जवाब देने का निर्देश दिया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी जिसमें जुर्माना प्रतिबंध या अन्य दंड शामिल हो सकते हैं।

यह मामला बॉलीवुड में बढ़ती अश्लीलता और महिलाओं की छवि को लेकर चल रही बहस को और तेज कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में कई गाने और आइटम नंबर विवादों में आए हैं लेकिन इस बार राष्ट्रीय महिला आयोग की सक्रियता से सख्त रुख दिख रहा है। नोरा फतेही पहले भी कुछ गानों के लिए आलोचना का सामना कर चुकी हैं लेकिन इस बार मामला आयोग तक पहुंच गया है।

संजय दत्त जैसे अनुभवी अभिनेता के शामिल होने से विवाद और बड़ा हो गया है। उनके प्रशंसक और आलोचक दोनों पक्षों में बहस छिड़ी हुई है। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मानते हैं जबकि अधिकांश इसे महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर हैशटैग जैसे सरके चुनर विवाद और एनसीडब्ल्यू एक्शन ट्रेंड कर रहे हैं।

आयोग ने सभी फिल्म निर्माताओं को चेतावनी दी है कि महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ करने वाली सामग्री पर सख्त नजर रखी जाएगी। यह कदम मनोरंजन जगत में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की मांग को मजबूत करता है। जांच के नतीजे आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी लेकिन फिलहाल यह घटना पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। महिलाओं के सम्मान और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए ऐसे कदम महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अब देखना यह है कि पेशी के दौरान क्या जवाब दिया जाता है और आयोग क्या फैसला सुनाता है।

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