नई दिल्ली :- मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। नतांज पर हुए बड़े हमले ने क्षेत्रीय हालात को बेहद गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस हमले में अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई के तहत जबरदस्त बमबारी की गई जिससे परमाणु केंद्र को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पहले से ही क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई थी। इस घटना के बाद ईरान की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है जिससे संघर्ष और बढ़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटनाक्रम को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इसी बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इब्राहिम रैशी से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने ईद के मौके पर शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया।
सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं के बीच बातचीत में मौजूदा हालात पर भी चर्चा हुई और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर सहमति जताई गई। भारत ने हमेशा संवाद और शांति के रास्ते को प्राथमिकता दी है और इस बार भी वही संदेश दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नतांज जैसे संवेदनशील परमाणु केंद्र पर हमला वैश्विक सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका अहम होगी ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके।