वाशिंगटन(अमेरिका):- पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध में अमेरिका के साथ न शामिल होने पर NATO देशों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने अपने बयान में सहयोगी देशों को ‘कायर’ करार दिया और कहा कि अमेरिका के बिना ये केवल ‘कागजी शेर’ हैं।ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय मंच पर अमेरिकी नेतृत्व और गठबंधन देशों के बीच तनाव को उजागर करता है। उनका कहना है कि अमेरिका अक्सर दुनिया की सुरक्षा के लिए आगे बढ़ता है लेकिन इसके सहयोगियों का समर्थन कमतर होता है।
विश्लेषकों के अनुसार, ट्रंप की इस टिप्पणी से NATO देशों में असंतोष और आलोचना बढ़ सकती है। साथ ही यह अमेरिका के विदेश नीति दृष्टिकोण पर भी ध्यान खींचता है।पूर्व राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि सहयोगियों को अमेरिका के साथ मिलकर जिम्मेदार भूमिका निभानी चाहिए और सुरक्षा के क्षेत्र में निष्क्रिय नहीं रहना चाहिए।
इस बयान के बाद कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने अमेरिका और NATO के संबंधों पर चर्चा शुरू कर दी है और संभावित राजनीतिक और कूटनीतिक परिणामों का विश्लेषण किया जा रहा है।