सोनभद्र (उत्तर प्रदेश):- मोहन यादव ने परमहंस आश्रम शक्तेशगढ़ पहुंचकर संतों का आशीर्वाद लिया और सत्संग में भाग लिया। दोपहर लगभग 2:40 बजे आश्रम पहुंचने पर उनका संत समाज द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पूरे परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।
आश्रम पहुंचते ही मुख्यमंत्री संत एवं की अगुवाई में सीधे स्वामी जी के कक्ष में पहुंचे। वहां उन्होंने लगभग एक घंटे तक संतों के साथ आध्यात्मिक चर्चा की और सदगुरुदेव के दर्शन किए। इसके बाद वे सत्संग भवन पहुंचे जहां बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भले ही उन्होंने भगवान को प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा है लेकिन सदगुरुदेव के रूप में एक महापुरुष के दर्शन पाकर वे स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। उन्होंने इसे अपने जीवन का विशेष क्षण बताते हुए कहा कि यह उनके लिए और उनकी सरकार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि वे उज्जैन महाकाल की नगरी के विधायक हैं और यह उनके लिए अत्यंत गौरव की बात है।
इस अवसर पर सदगुरुदेव भगवान योगेश्वर महाप्रभु ने मुख्यमंत्री को यथार्थ गीता की पुस्तक भेंट की। कार्यक्रम में आश्रम के वरिष्ठ संतों में नारद महाराज राम रक्षा नंद महाराज सोहम महाराज तानसेन महाराज आशीष महाराज दीपक महाराज एवं बबलू महाराज सहित अनेक महात्मा मंच पर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे जिनमें जिला सूचना अधिकारी मिर्जापुर की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। पूरे आयोजन में अनुशासन और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री के इस दौरे ने आश्रम के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।