नई दिल्ली :- दिल्ली विधानसभा में आज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए करीब ₹1 लाख 3 हजार 700 करोड़ का बजट पेश किया, जिसे उन्होंने “ग्रीन बजट” करार दिया। बजट पेश करते हुए सीएम ने कहा कि यह योजना पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को केंद्र में रखकर तैयार की गई है, ताकि राजधानी को प्रदूषण मुक्त और आधुनिक बनाया जा सके।
बजट में महिलाओं, छात्रों और गरीब वर्ग के लिए कई अहम घोषणाओं की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन को और बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, हरित क्षेत्रों का विस्तार करने और कचरा प्रबंधन को सुधारने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं।
कल सदन में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर सरकार ने संकेत दिए थे कि इस बार का बजट विकास और कल्याणकारी योजनाओं के बीच संतुलन बनाने वाला होगा। खासकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों पर भी फोकस किया जा सकता है।
सरकार का कहना है कि यह बजट केवल खर्च का दस्तावेज नहीं, बल्कि दिल्ली के भविष्य की रूपरेखा है, जिसमें पर्यावरण के साथ-साथ आम नागरिकों की जरूरतों का भी ध्यान रखा गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि इन घोषणाओं को जमीनी स्तर पर कैसे लागू किया जाएगा और इसका आम जनता पर क्या असर पड़ेगा।