नई दिल्ली :- पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को गहरी झटका दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में इस संकट पर विस्तृत बयान दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला दिया है और इससे उबरने में विश्व को काफी लंबा समय लग सकता है। भारत पर इसका प्रभाव न्यूनतम रखने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत की अर्थव्यवस्था के मूल आधार अत्यंत मजबूत हैं। सरकार स्थिति पर सतत नजर रखे हुए है। बदलती परिस्थितियों के अनुरूप शॉर्ट टर्म मीडियम टर्म तथा लॉन्ग टर्म रणनीतियां तैयार की जा रही हैं। इन रणनीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है ताकि देश की प्रगति बिना रुके आगे बढ़े।
सरकार ने अंतर मंत्रालयी समूह का गठन किया है। यह समूह नियमित रूप से बैठकें आयोजित करता है और आयात निर्यात से जुड़ी समस्याओं का आकलन करता है। समूह आवश्यक समाधान ढूंढकर उन्हें तुरंत लागू करने में जुटा है। कल ही सात सशक्त समूह बनाए गए हैं। ये समूह सप्लाई चेन पेट्रोल डीजल गैस महंगाई तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं पर तेज गति से रणनीति बनाते हैं और निर्णय लेते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संयुक्त प्रयासों से हम इस चुनौतीपूर्ण स्थिति का बेहतर सामना कर सकेंगे। ऊर्जा सुरक्षा खाद्य सुरक्षा तथा व्यापार मार्गों को सुरक्षित रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। विदेश में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा भी प्राथमिकता पर है। दूतावास सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं और आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं।
सरकार हर पहलू पर सतर्क है। पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति बाधित न हो इसके लिए विशेष योजना बनाई गई है। मुद्रास्फीति नियंत्रण तथा आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री का यह बयान पूरे देश में आत्मविश्वास जगाता है।
भारत मजबूत इरादों के साथ आगे बढ़ रहा है। वैश्विक संकट के बावजूद आर्थिक स्थिरता बनाए रखी जाएगी। सरकार और नागरिकों के संयुक्त प्रयास से यह दौर पार हो जाएगा। देश आत्मनिर्भरता की राह पर अटल है।