नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण स्थिति के बीच भारत सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल शाम सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहम बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देशभर में तैयारियों की समीक्षा करना और संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए एक मजबूत रणनीति तैयार करना है।
सरकार का फोकस इस बार केवल केंद्र स्तर तक सीमित नहीं है बल्कि राज्यों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने पर भी है। “टीम इंडिया” की भावना के तहत केंद्र और राज्य मिलकर एकजुट तरीके से काम करें यही इस बैठक का मूल लक्ष्य बताया जा रहा है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर वैश्विक स्तर पर देखा जा रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। ऐसे में ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षा आर्थिक स्थिरता और नागरिकों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है।
इस बैठक में राज्यों से उनकी तैयारियों का फीडबैक लिया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध रहें। खासतौर पर उन राज्यों पर ध्यान दिया जा सकता है जहां बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय रहते हैं या जिनका व्यापारिक संबंध प्रभावित हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार इस बैठक में आपूर्ति श्रृंखला को सुचारु बनाए रखने ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित रखने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की अफवाह या दहशत फैलाने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री का यह कदम ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अनिश्चितता बढ़ रही है। भारत सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि देश के अंदर किसी भी तरह की अस्थिरता न हो और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
यह बैठक न केवल वर्तमान परिस्थितियों के प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि भविष्य में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए भी एक मजबूत आधार तैयार करेगी।