नई दिल्ली: अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिख रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक इस संघर्ष को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी तब तक कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं।
हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के चलते वैश्विक तेल कीमतें तेजी से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। कुछ आकलनों में यह भी कहा गया है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तो कीमतें 105 डॉलर या उससे ऊपर भी जा सकती हैं।
विशेषज्ञ मयू शू जैसे विश्लेषकों का कहना है कि बाजार में सबसे बड़ा फैक्टर “अनिश्चितता” है। जब तक यह साफ नहीं होता कि युद्ध बढ़ेगा या शांत होगा तब तक ट्रेडर्स और निवेशक जोखिम को ध्यान में रखते हुए कीमतों में एक अतिरिक्त “जियोपॉलिटिकल प्रीमियम” जोड़ते रहेंगे।
विशेषज्ञों की राय साफ है कि जब तक अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच तनाव कम नहीं होता तब तक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव और ऊंची कीमतें बनी रह सकती हैं। यानी फिलहाल राहत की उम्मीद कम और अनिश्चितता ज्यादा है।