नई दिल्ली :- आज के समय में बाहर खाना खाते समय या किसी सेवा का उपयोग करते समय बिल में अतिरिक्त शुल्क जुड़ना आम बात हो गई है। कई बार ग्राहकों को उनके बिल में “एलपीजी चार्ज” या अन्य नाम से अतिरिक्त राशि दिखाई जाती है। ऐसे मामलों में उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है। नियमों के अनुसार मेन्यू में जो कीमत दी गई है वही अंतिम कीमत मानी जाती है जिस पर केवल टैक्स जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा कोई भी छिपा हुआ शुल्क लेना गलत माना जाता है।
यदि किसी ग्राहक को बिल में इस प्रकार का अतिरिक्त शुल्क दिखाई देता है तो उसे तुरंत इस पर सवाल उठाना चाहिए। उपभोक्ता का अधिकार है कि वह स्पष्ट जानकारी मांगे और गलत चार्ज को हटाने की मांग करे। कई बार लोग जानकारी के अभाव में ऐसे शुल्क का भुगतान कर देते हैं जिससे गलत प्रथाओं को बढ़ावा मिलता है।
सरकार ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई है। यदि कोई प्रतिष्ठान नियमों का उल्लंघन करता है तो ग्राहक राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1915 पर कॉल कर सकता है। इसके अलावा 8800001915 पर व्हाट्सऐप के माध्यम से भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूक उपभोक्ता ही ऐसे गलत व्यवहार को रोक सकते हैं। जब लोग अपने अधिकारों के प्रति सजग होंगे तभी बाजार में पारदर्शिता बनी रहेगी। हर ग्राहक को चाहिए कि वह बिल को ध्यान से पढ़े और किसी भी अनावश्यक शुल्क का विरोध करे।
इस तरह की सतर्कता न केवल आपकी जेब की सुरक्षा करती है बल्कि अन्य उपभोक्ताओं को भी जागरूक बनाती है। इसलिए हमेशा जागरूक रहें और अपने अधिकारों का सही उपयोग करें।