पटना (बिहार):- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता छोड़ेंगे। यह कदम हाल ही में उन्हें राज्यसभा के लिए चुने जाने के कारण संवैधानिक बाध्यता के तहत लिया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि MLC सदस्यता छोड़ने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की अटकलें और तेज हो गई हैं। पार्टी और विधानसभा में विभिन्न हलकों में इस मामले को लेकर चर्चा जारी है।
नीतीश कुमार के इस निर्णय का असर राज्य की राजनीतिक स्थिति पर भी देखा जा रहा है। विपक्ष और सहयोगी दल इस कदम पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
स्थानीय मीडिया और जनता इस बदलाव को बड़े ध्यान से देख रही है। मुख्यमंत्री के इस्तीफे और आगामी राजनीतिक परिदृश्य पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।