ट्रेन में महंगा खाना और खराब क्वालिटी पर यात्रियों का गुस्सा रेलवे की व्यवस्था पर उठे सवाल

नई दिल्ली :- भारतीय रेल में यात्रियों को मिलने वाली खानपान सेवाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में सामने आए एक मामले में एक यात्री ने आरोप लगाया कि ट्रेन में वेंडर ने निर्धारित कीमत से अधिक पैसे लेकर खाना बेचा। जहां खाना एक सौ तीस रुपये का होना चाहिए था वहीं यात्री से एक सौ पचास रुपये वसूले गए।

यात्री ने इस मामले की शिकायत तुरंत रेल मदद सेवा के जरिए दर्ज कराई जिसके बाद कुछ ही समय में संबंधित अधिकारी सीट पर पहुंच गए। शिकायत के बाद वेंडर द्वारा अतिरिक्त लिए गए पैसे वापस कर दिए गए लेकिन यात्री का आरोप है कि उनसे शिकायत वापस लेने का दबाव भी बनाया गया और कहा गया कि अन्यथा भारी चालान किया जाएगा।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कुछ दिन पहले ही ट्रेन के खाने में दही के अंदर कीड़े मिलने का मामला भी चर्चा में आया था। इन घटनाओं ने रेलवे की कैटरिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

भारतीय रेलवे देश की जीवनरेखा मानी जाती है और हर दिन लाखों लोग इस पर निर्भर रहते हैं ऐसे में खाने की गुणवत्ता और तय कीमतों का पालन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। लेकिन बार बार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि जमीनी स्तर पर निगरानी में कहीं न कहीं कमी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे को अपने खानपान ठेकेदारों और वेंडर्स पर सख्त नियंत्रण रखने की जरूरत है साथ ही नियमित जांच और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। यात्रियों को भी सलाह दी जाती है कि किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज करें ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।

इन लगातार सामने आ रही घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रेलवे की सेवाओं में सुधार की जरूरत है ताकि यात्रियों को सुरक्षित स्वच्छ और उचित कीमत पर सुविधाएं मिल सकें और उनका भरोसा बना रहे।

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