मुंबई (महाराष्ट्र):- लता मंगेशकर भारतीय संगीत की वह अमर आवाज हैं जिन्होंने दशकों तक अपने सुरों से लोगों के दिलों पर राज किया। उनके हजारों गीत आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं जितने अपने समय में थे। लेकिन जब बात उनके आखिरी गाने की आती है तो यह सवाल अक्सर लोगों के मन में उठता है।
लता मंगेशकर का आखिरी रिकॉर्ड किया गया गीत माना जाता है “सौगंध मुझे इस मिट्टी की” जो वर्ष दो हजार उन्नीस में रिलीज हुआ था। यह गीत देशभक्ति से जुड़ा हुआ था और इसे विशेष रूप से भारतीय सेना और देश के वीर जवानों को समर्पित किया गया था। इस गीत में उनकी आवाज में वही पुरानी गहराई और भावनात्मक जुड़ाव सुनने को मिलता है जिसने उन्हें भारत की सबसे महान गायिकाओं में शामिल किया।
इसके अलावा उन्होंने फिल्मी दुनिया में अपना आखिरी गाना “जीना क्या है जाना मैंने” गाया था जो फिल्म डन्नो वाई टू के लिए रिकॉर्ड किया गया था। यह गीत उनके लंबे और शानदार फिल्मी करियर का अंतिम पड़ाव माना जाता है।
लता मंगेशकर का संगीत सफर इतना विशाल है कि एक आखिरी गीत से उसे बांधना आसान नहीं है। उन्होंने हर दौर में अपनी आवाज से लोगों को भावुक किया और संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके गीत आज भी हर पीढ़ी के बीच लोकप्रिय हैं और आने वाले समय में भी उनकी आवाज हमेशा जीवित रहेगी।