Census-2027: देश में जनगणना 2027 का पहला चरण 1 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक तकनीक पर आधारित होगी, जिससे डेटा संग्रहण अधिक सटीक और पारदर्शी बनाया जा सके। खास बात यह है कि इस बार जियो-मैपिंग तकनीक का उपयोग कर हर घर की सटीक लोकेशन दर्ज की जाएगी।
सरकार के अनुसार, इस प्रक्रिया में नागरिकों से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें परिवार के सदस्यों की संख्या, शिक्षा, रोजगार, आवास की स्थिति और अन्य सामाजिक-आर्थिक जानकारी शामिल होगी। इस बार लोगों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का भी विकल्प दिया गया है। नागरिक se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर मात्र 15 मिनट में अपनी पूरी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं।
डिजिटल जनगणना का उद्देश्य डेटा संग्रह को तेज, सटीक और आसान बनाना है। इससे सरकारी योजनाओं की बेहतर योजना और क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। अधिकारियों का कहना है कि इस बार डेटा में गड़बड़ी की संभावना बेहद कम होगी, क्योंकि हर जानकारी को तकनीकी माध्यम से सत्यापित किया जाएगा।
इसके अलावा, जनगणना कर्मियों को भी टैबलेट और डिजिटल उपकरण दिए जाएंगे, जिससे वे घर-घर जाकर डेटा को सीधे ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज कर सकें। इससे समय की बचत होगी और कागजी प्रक्रिया खत्म होगी।
सरकार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे सही और पूरी जानकारी दें, ताकि देश के विकास के लिए सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकें। जनगणना 2027 को भारत की सबसे आधुनिक और तकनीक आधारित जनगणना माना जा रहा है।