भारत EV नीति (नई दिल्ली): देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार की PM E-DRIVE योजना महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है। सरकार के अनुसार इस योजना के तहत जून 2026 तक 26.59 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री दर्ज की गई। योजना का उद्देश्य इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के साथ-साथ देश में EV निर्माण से जुड़े इकोसिस्टम को मजबूत करना है।
PM E-DRIVE यानी PM Electric Drive Revolution in Innovative Vehicle Enhancement Scheme को सितंबर 2024 में शुरू किया गया था। योजना को अब मार्च 2028 तक बढ़ाया गया है। इसके लिए कुल 11,900 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत करीब 28.30 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने का लक्ष्य रखा गया है।
ई-2 व्हीलर से लेकर ई-बस तक पर फोकस
PM E-DRIVE के दायरे में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों के अलावा ई-एम्बुलेंस, ई-ट्रक और ई-बस जैसी श्रेणियां भी शामिल हैं। योजना के तहत पात्र इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर मांग आधारित प्रोत्साहन दिया जाता है। सरकार के अनुसार इसका उद्देश्य शुरुआती खरीद लागत को कम करना और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को गति देना है।
योजना के तहत ई-2 व्हीलर के लिए भी प्रोत्साहन का प्रावधान है। पात्र वाहनों के लिए बैटरी क्षमता के आधार पर सहायता दी जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा निर्धारित है।
भारत EV नीति: चार्जिंग नेटवर्क के लिए 2,000 करोड़ रुपये
इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार भी जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए PM E-DRIVE के तहत देशभर में इलेक्ट्रिक व्हीकल पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 28 सितंबर 2026 तक 3 ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और 10 राज्यों में 8,147 चार्जर लगाने के लिए 851 करोड़ रुपये की मंजूरी दी जा चुकी थी। इससे सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क को विस्तार देने की योजना का पता चलता है।
14,028 ई-बसों को समर्थन
PM E-DRIVE के तहत सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है। इसके लिए 4,391 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत 14,028 ई-बसों के लिए सहायता दी जानी है। अगस्त 2026 तक 14,000 ई-बसों का आवंटन किया जा चुका था। इनमें दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई, अहमदाबाद, पुणे और सूरत जैसे शहर शामिल हैं।
भारत EV नीति: EV निर्माण और टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर
PM E-DRIVE केवल वाहनों की बिक्री बढ़ाने तक सीमित नहीं है। योजना के तहत घरेलू EV मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने और इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक से जुड़ी टेस्टिंग सुविधाओं को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया गया है। वाहन परीक्षण एजेंसियों के आधुनिकीकरण के लिए 780 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
सरकार के मुताबिक योजना के माध्यम से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के साथ परिवहन क्षेत्र में ईंधन की खपत और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।