Rupee rises मुंबई:- भारतीय रुपया नए साल की शुरुआत सकारात्मक नोट पर की है जिसमें यह 6 पैसे बढ़कर 89.92 प्रति अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया है। यह बढ़त मुख्य रूप से घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली में कमी के कारण हुई है। फोरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि यूएसडी/आईएनआर जोड़ी 90 के स्तर पर आरबीआई के समर्थन के कारण संकीर्ण दायरे में कारोबार करने की संभावना है। सीआर फोरेक्स एडवाइजर्स के एमडी अमित पाबरी ने कहा, “शीतकालीन तरलता कम होने और घरेलू फंडामेंटल्स मिश्रित लेकिन स्थिर रहने के कार रुपया निकट अवधि में संकीर्ण दायरे में रहने की संभावना है”।
रुपये की बढ़त के अन्य कारणों में शामिल हैं:
– घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल
– विदेशी निवेशकों की बिकवाली में कमी
– आरबीआई का समर्थन
– डॉलर इंडेक्स में कमी
हालांकि फोरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि रुपये की बढ़त सीमित हो सकती है क्योंकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली अभी भी जारी है। फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स के हेड ऑफ ट्रेजरी और एक्सीक्यूटिव डायरेक्टर अनिल कुमार भंसाली ने कहा “जब तक आरबीआई डॉलर बेचने के लिए आगे नहीं आता, तब तक रुपये की गति छोटे दायरे में रहने की संभावना है”।