इंदौर (मध्य प्रदेश):- इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से फैली बीमारी ने गंभीर रूप ले लिया है। जहरीले पानी के सेवन से अब तक पंद्रह लोगों की मौत हो चुकी है जबकि सैकड़ों लोग बीमार होकर अस्पताल पहुंच चुके हैं। गुरुवार को ही उल्टी और दस्त के तीन सौ अड़तीस नए मामले सामने आए हैं जिससे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। हालात इतने गंभीर हैं कि बत्तीस मरीज अभी भी आईसीयू में भर्ती हैं और उनकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कई दिनों से क्षेत्र में सप्लाई हो रहा पानी बदबूदार और गंदा था लेकिन शिकायतों के बावजूद समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई। दूषित पानी के कारण छोटे बच्चों बुजुर्गों और कमजोर लोगों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। कई परिवारों में एक साथ कई सदस्य बीमार पड़ गए हैं जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।
अस्पतालों में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ने से स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव साफ नजर आ रहा है। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को लगातार काम करना पड़ रहा है। मरीजों को डिहाइड्रेशन और संक्रमण से बचाने के लिए विशेष उपचार दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय पर शुद्ध पानी की व्यवस्था नहीं की गई तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
प्रशासन ने प्रभावित इलाके में पानी की सप्लाई बंद कर टैंकरों के जरिए साफ पानी उपलब्ध कराने का दावा किया है। साथ ही पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं ताकि दूषित होने के कारणों का पता लगाया जा सके। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर घर जाकर लोगों को उबला हुआ पानी पीने और साफ सफाई बनाए रखने की सलाह दे रही हैं।
इस घटना ने एक बार फिर बुनियादी सुविधाओं की पोल खोल दी है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते पाइपलाइन की जांच और मरम्मत की जाती तो इतनी बड़ी त्रासदी टाली जा सकती थी। अब पूरे शहर की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है और लोग दोषियों पर सख्त कदम की मांग कर रहे हैं।