मुंबई (महाराष्ट्र):- हिंदी सिनेमा में कई कलाकार ऐसे आए जिनकी एक ही फिल्म लोगों को हमेशा याद रह गई लेकिन फिर वे फिल्मों में फीके पड़ते चले गए और धीरे-धीरे सभी की नजरों से गायब हो गए। ऐसी ही कहानी है साहिब चोपड़ा की जिन्होंने साल 2006 में आई फिल्म चांद के पार चलो से सिर्फ एक बार हीरो के रूप में पहचान पाई थी।
साहिब चोपड़ा का नाम उस फिल्म के पोस्टरों और गानों के ज़रिये खूब चर्चित हुआ। फिल्म में उन्होंने नैनीताल के एक फोटोग्राफर चंदर का किरदार निभाया था और प्रीति झिंगानिया उनके साथ लीड रोल में दिखाई दी थीं। उस समय चांद के पार चलो का टाइटल गीत काफी लोकप्रिय हुआ और लोगों ने साहिब को एक हैंडसम युवा हीरो के रूप में सराहा।
लेकिन फिल्मों की दुनिया में यह चमक ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। इसके बाद साहिब चोपड़ा ने किसी बड़ी और यादगार फिल्म का हिस्सा नहीं बन पाए। ऐसे में उन्हें वन फिल्म वंडर के तौर पर जाना जाने लगा। एक समय जब फिल्म रिलीज़ हुई थी तब उम्मीद थी कि साहिब का करियर आगे चलकर और उचाइयों को छुएगा लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, वह फिल्मों से दूर होते गए और अब वे फिल्मों की बजाए अपने निजी जीवन में व्यस्त दिखते हैं।
आज उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं जिसमें उन्हें पहचानना आसान नहीं होता क्योंकि समय के साथ उनका रूप बदल चुका है। वहीं कुछ लोग चांद के पार चलो के दिनों को याद करते हैं जब साहिब चोपड़ा बड़े पर्दे के चमकते हीरो थे।
यह कहानी यह भी बताती है कि बॉलीवुड में सफलता हासिल करना केवल एक फिल्म से संभव नहीं होता बल्कि लगातार मेहनत, सही प्रोजेक्ट्स और समय-बद्ध निर्णय लेना बेहद जरूरी होता है। ऐसे कई कलाकार हैं जिनके सपने शुरुआत में ऊँचे होते हैं लेकिन फिल्मों की बदलती दुनिया में उन्हें वही पहचान फिर नहीं मिल पाती।