पटना (बिहार):- बिहार सरकार ने बुजुर्गों की स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की है कि अब बुजुर्ग अपने घर पर ही उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगे। यह योजना ‘सात निश्चय-3’ के अंतर्गत लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री का मानना है कि बुजुर्ग जनता के सर्वांगीण स्वास्थ्य की देखभाल करना राज्य की प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस नई योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग को बुजुर्गों के लिए नर्सिंग सेवाएं प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। नर्सिंग सेवाओं से बुजुर्गों को नियमित स्वास्थ्य देखभाल और आवश्यक पोषण संबंधी सहायता मिलने में मदद मिलेगी। इसके अलावा पैथोलॉजी सेवाएं भी घर पर उपलब्ध कराई जाएंगी जिससे रोग पहचान जल्दी हो सकेगी। बुजुर्गों को अब घर बैठे ही विटामिन टेस्ट ब्लड शुगर टेस्ट और अन्य आवश्यक जाँच की सुविधाएं मिलेंगी। इससे समय की बचत होगी और असुविधा भी कम होगी।
कार्यक्रम के अंतर्गत बीपी और ईसीजी की जांच को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इससे हृदय संबंधी बीमारियों पर जल्दी नजर रखी जा सकेगी और समय रहते आवश्यक उपचार शुरू किया जा सकेगा। बुजुर्गों के लिए फिजियोथेरेपी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी जिससे वे अपनी गतिशीलता और स्वास्थ्य स्तर को बेहतर रख सकेंगे। यह सेवा विशेष रूप से उन बुजुर्गों के लिए उपयोगी साबित होगी जो मोटर समस्या या जोड़ों के दर्द से जूझ रहे हैं।
आपातकालीन सहायता भी योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसी भी आकस्मिक स्वास्थ्य समस्या के समय बुजुर्गों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सहायता जल्दी प्राप्त हो सकेगी। यह सुविधा स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों से समन्वय करके सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि बुजुर्गों को सम्मान के साथ सुरक्षित और स्वस्थ जीवन जीने का अधिकार मिले।
इस कदम से न केवल बुजुर्गों की भलाई सुनिश्चित होगी बल्कि उनके परिवार को भी मानसिक शांति प्राप्त होगी। यह पहल बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को घर तक ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।