नई दिल्ली :- अंबाला से सामने आया मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी बनकर उभरा है। सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारियां दुश्मन देश तक पहुंचाने के आरोप में सुनील कुमार नामक व्यक्ति को सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि वह लंबे समय से हनीट्रैप के जाल में फंसा हुआ था और इसी के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में आया।
सूत्रों के अनुसार सुनील कुमार सोशल मीडिया के जरिये एक महिला प्रोफाइल के संपर्क में आया था। बातचीत के दौरान भावनात्मक संबंध बनते गए और धीरे धीरे उससे संवेदनशील जानकारियां हासिल की जाने लगीं। शुरू में सामान्य बातचीत के रूप में संपर्क बना रहा लेकिन बाद में उससे सेना की गतिविधियों और आंतरिक सूचनाओं के बारे में सवाल पूछे जाने लगे। हनीट्रैप के दबाव में आकर उसने यह सूचनाएं साझा कर दीं।
जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी पिछले छह से सात महीनों से लगातार पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था। इस दौरान उसे अलग अलग माध्यमों से निर्देश दिए जाते रहे। कुछ सूचनाएं मोबाइल के जरिये भेजी गईं और कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर साझा की गईं। सुरक्षा एजेंसियों को जब संदिग्ध गतिविधियों की भनक लगी तब निगरानी बढ़ाई गई और अंततः आरोपी को पकड़ लिया गया।
यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि दुश्मन देश किस तरह हनीट्रैप जैसी रणनीतियों का इस्तेमाल कर भारत की सुरक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सेना और सुरक्षा से जुड़े कर्मचारियों को डिजिटल सतर्कता और सोशल मीडिया के खतरों को लेकर लगातार प्रशिक्षण दिए जाने की जरूरत है।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं। आरोपी से पूछताछ जारी है और यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि कितनी जानकारी लीक हुई और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क सक्रिय था। यह मामला देशवासियों के लिए भी सतर्क रहने का संदेश देता है कि ऑनलाइन दुनिया में छोटी सी लापरवाही भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है।