नई दिल्ली :- डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर सुर्खियों में है। बलात्कार के मामले में बीस वर्ष की सजा काट रहा राम रहीम सोमवार को चालीस दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया। रोहतक स्थित सुनारिया जेल से रिहा होने के बाद वह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सफेद गाड़ियों के काफिले के साथ सिरसा डेरे के लिए रवाना हुआ। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
राम रहीम को मिली यह पैरोल अस्थायी है। इस दौरान उसे निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। पैरोल अवधि में वह सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं कर सकेगा और न ही किसी राजनीतिक गतिविधि में शामिल हो पाएगा। बताया जा रहा है कि इस समय का उपयोग वह अपने अनुयायियों से मिलने और निजी धार्मिक गतिविधियों के लिए करेगा। सिरसा डेरा पहुंचने से पहले ही उसके समर्थकों में उत्साह देखने को मिला।
गौरतलब है कि गुरमीत राम रहीम सिंह को वर्ष 2017 में बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया गया था। इसके बाद उसे सजा सुनाई गई थी और वह लगातार जेल में बंद है। इससे पहले भी उसे अलग अलग अवसरों पर पैरोल और फरलो मिल चुकी है। हर बार उसकी रिहाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो जाती है।
इस बार भी पैरोल मिलने के बाद विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बार बार पैरोल देना न्याय प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। वहीं सरकार और प्रशासन का तर्क है कि पैरोल कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और नियमों के तहत दी जाती है। प्रशासन ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।
राम रहीम की अस्थायी रिहाई को लेकर पूरे क्षेत्र में नजर रखी जा रही है। पुलिस और प्रशासन लगातार हालात पर निगरानी कर रहे हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। आने वाले दिनों में उसकी गतिविधियों पर सभी की नजर टिकी रहेगी।