ढाका (बांग्लादेश):- बांग्लादेश में एक बार फिर अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को निशाना बनाए जाने की गंभीर घटना सामने आई है। ताजा मामले में किराना स्टोर चलाने वाले मोनी चक्रवर्ती की धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई। यह घटना इसलिए भी ज्यादा भयावह मानी जा रही है क्योंकि बीते चौबीस घंटे के भीतर हिंदुओं पर यह दूसरी जानलेवा वारदात है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं के बीच असुरक्षा और डर का माहौल पैदा कर दिया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मोनी चक्रवर्ती अपने रोजमर्रा के काम में व्यस्त थे तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मोनी चक्रवर्ती को बचाया नहीं जा सका और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। हमले के पीछे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है लेकिन समुदाय का मानना है कि यह हमला धार्मिक पहचान के कारण किया गया।
इससे पहले भी एक अन्य हिंदू व्यक्ति की हत्या की खबर सामने आई थी जिससे यह साफ होता है कि यह कोई अलग थलग घटना नहीं है बल्कि एक चिंताजनक सिलसिला बनता जा रहा है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर सरकार को ठोस और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। केवल बयान जारी करने से स्थिति नहीं सुधरेगी बल्कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना होगा।
हिंदू समुदाय के लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से डर के साये में जीवन जी रहे हैं। कई परिवार अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और कुछ लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में पलायन पर भी विचार कर रहे हैं। यह स्थिति न केवल बांग्लादेश की सामाजिक एकता के लिए खतरा है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश की छवि को नुकसान पहुंचा रही है।अब सबकी नजर बांग्लादेश सरकार की कार्रवाई पर टिकी है कि वह दोषियों को कितनी जल्दी न्याय के कटघरे में लाती है और अल्पसंख्यकों को सुरक्षित जीवन का भरोसा दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।