Political Legacy दिल्ली:- सुरेश कलमाड़ी एक समय के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और खेल प्रशासन के प्रमुख का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनकी राजनीतिक विरासत विवादों से घिरी रही, खासकर 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के घोटाले में उनकी भूमिका के कारण।
राजनीतिक करियर
कलमाड़ी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1977 में पुणे यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में की थी। वह 1982 में राज्यसभा के सदस्य बने और चार कार्यकाल तक इस पद पर रहे। उन्होंने 1995-96 में रेलवे राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया ।
खेल प्रशासन
कलमाड़ी ने खेल प्रशासन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह 1996 से 2012 तक भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष रहे और 2000 से 2013 तक एशियान एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे ।
राष्ट्रमंडल खेल घोटाला
2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में कलमाड़ी की भूमिका विवादास्पद रही। उन पर खेलों के आयोजन में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। 2011 में उन्हें गिरफ्तार किया गया और 10 महीने तक जेल में रहे ।
विरासत
कलमाड़ी की विरासत विवादास्पद है। उनकी राजनीतिक और खेल प्रशासन की उपलब्धियों के बावजूद राष्ट्रमंडल खेल घोटाले ने उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल कर दिया। हालांकि 2025 में उन्हें इस मामले में क्लीन चिट मिल गई थी।