Setback for AIFF नई दिल्ली:- भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) को बड़ा झटका लगा है जब इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के टेंडर में कोई बिडर नहीं आया। एआईएफएफ ने 16 अक्टूबर को आईएसएल के लिए टेंडर जारी किया था जिसमें 7 नवंबर को बिड जमा करने की आखिरी तारीख थी।
एआईएफएफ ने एक बयान में कहा, “आईएसएल के लिए टेंडर प्रक्रिया में कोई बिड नहीं आया है। एआईएफएफ की बिड इवल्यूएशन कमेटी इस मामले पर चर्चा करने के लिए इस सप्ताहांत में बैठक करेगी।”आईएसएल के टेंडर में कोई बिडर नहीं आने से भारती फुटबॉल की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं। एआईएफएफ को उम्मीद थी कि आईएसएल के टेंडर में कई बिडर आएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
एआईएफएफ के एक अधिकारी ने कहा, “हम इस स्थिति से निराश हैं। हमने टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए थे। अब हम आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए बैठक करेंगे।” आईएसएल के टेंडर में कोई बिडर नहीं आने से भारतीय फुटबॉल के भविष्य पर भी सवाल उठने लगे हैं। एआईएफएफ को अब आईएसएल के भविष्य को लेकर निर्णय लेना होगा।
आईएसएल के टेंडर की प्रमुख शर्तें:
– 15 वर्षों के लिए आईएसएल के अधिकारों के लिए बिडर को 37.5 करोड़ रुपये या 5% ग्रॉस रेवेन्यू का भुगतान करना होगा।
– बिडर को आईएसएल के सभी अधिकारों का मालिकाना हक मिलेगा।
– बिडर को आईएसएल के लिए एक निश्चित राशि का भुगतान करना होगा।
आईएसएल के टेंडर में कोई बिडर नहीं आने के कारण:
– आईएसएल के टेंडर की शर्तें बहुत कठोर थीं।
– आईएसएल के टेंडर में बिडर को बहुत अधिक वित्तीय जोखिम उठाना पड़ता।
– आईएसएल के टेंडर में बिडर को आईएसएल के सभी अधिकारों का मालिकाना हक नहीं मिलता।