नई दिल्ली :-देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में है। बुधवार सुबह कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर 302 से 361 के बीच पहुंच गया जिससे ज्यादातर इलाके रेड जोन में आ गए। खराब हवा का सीधा असर बच्चों बुजुर्गों और सांस के मरीजों पर देखा जा रहा है।
सुबह के समय लोगों को आंखों में जलन गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे हालात में बिना जरूरत घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। खुले में व्यायाम और सुबह की सैर फिलहाल नुकसानदायक साबित हो सकती है। स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए भी यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है।
दिल्ली एनसीआर में जहां प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना हुआ है वहीं देश के कई हिस्सों में घने कोहरे का असर देखने को मिला। कई हवाई अड्डों पर उड़ानों के संचालन में देरी और रद्द होने की खबरें सामने आईं। हालांकि दिल्ली एनसीआर में कोहरा अपेक्षाकृत हल्का रहा लेकिन ठंडी हवाओं की कमी के कारण प्रदूषित कण वातावरण में ही बने रहे।
विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण बढ़ने के पीछे वाहनों का धुआं निर्माण कार्य और मौसम की स्थिरता बड़ी वजह है। हवा की गति कम होने से प्रदूषक तत्व ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं। जब तक तेज हवा या बारिश नहीं होती तब तक राहत मिलने की संभावना कम है।
सरकार और प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। मास्क का इस्तेमाल करने घर में एयर प्यूरीफायर लगाने और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों से बचने की अपील की गई है। दिल्ली की हवा का यह हाल साफ संकेत देता है कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर ठोस कदम उठाने की अब पहले से ज्यादा जरूरत है।